कार इंश्योरेंस क्या है और क्यों जरूरी है
कार इंश्योरेंस को अक्सर लोग एक कानूनी औपचारिकता समझ लेते हैं, लेकिन असल में यह आपकी जेब का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। सड़क पर चलते समय एक छोटी-सी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है। ऐसे में कार इंश्योरेंस न सिर्फ आपकी कार, बल्कि आपकी आर्थिक स्थिति को भी संभालता है।
- कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे बड़े कारण
- समय पर क्लेम न करना
- गलत या अधूरी जानकारी देना
- पॉलिसी की शर्तों को न पढ़ना
- ड्रिंक एंड ड्राइव
- एक्सपायर्ड पॉलिसी
- अनऑथराइज्ड रिपेयर
- फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर क्लेम
- वाहन का गैर-कानूनी उपयोग
- थर्ड पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव क्लेम में अंतर
- कैसे बचें इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने से
- क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने का मतलब
जब किसी हादसे या नुकसान के बाद आप इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम करते हैं और कंपनी उसे स्वीकार नहीं करती, तो इसे क्लेम रिजेक्ट होना कहते हैं। यानी जिस मदद की उम्मीद आपने की थी, वह आपको नहीं मिलती। इससे न सिर्फ खर्च बढ़ता है, बल्कि मानसिक तनाव भी होता है।
कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे बड़े कारण
समय पर क्लेम न करना
इंश्योरेंस पॉलिसी में साफ लिखा होता है कि हादसे के कितने समय के भीतर कंपनी को सूचना देनी है। अगर आपने देरी कर दी, तो कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर सकती है।
👉 उदाहरण:
अगर एक्सीडेंट के 24–48 घंटे के भीतर जानकारी देना जरूरी है और आपने 5 दिन बाद बताया, तो क्लेम खतरे में पड़ सकता है।
गलत या अधूरी जानकारी देना
क्लेम फॉर्म भरते समय अगर आपने गलत तारीख, समय, जगह या घटना का विवरण गलत दिया, तो यह सीधा रिजेक्शन का कारण बन सकता है।
👉 याद रखें:
झूठ या अधूरी सच्चाई इंश्योरेंस में सबसे बड़ी गलती मानी जाती है।
पॉलिसी की शर्तों को न पढ़ना
अक्सर लोग पॉलिसी लेते समय शर्तें नहीं पढ़ते। बाद में पता चलता है कि जिस नुकसान का क्लेम किया गया है, वह कवर ही नहीं था।
👉 जैसे:
- इंजन में पानी जाने से नुकसान
- सामान्य टूट-फूट (Wear and Tear)
ड्रिंक एंड ड्राइव
अगर हादसे के समय ड्राइवर शराब के नशे में था, तो इंश्योरेंस कंपनी सीधे क्लेम रिजेक्ट कर देती है। यह लगभग सभी पॉलिसी में साफ तौर पर लिखा होता है।
एक्सपायर्ड पॉलिसी
अगर आपकी पॉलिसी एक्सपायर हो चुकी है और आपने रिन्यू नहीं कराया, तो क्लेम का कोई सवाल ही नहीं उठता।
👉 टिप:
पॉलिसी एक्सपायरी डेट को मोबाइल रिमाइंडर में जरूर डालें।
अनऑथराइज्ड रिपेयर
अगर आपने इंश्योरेंस कंपनी की अनुमति के बिना या नेटवर्क गैरेज के बाहर कार रिपेयर करवा ली, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर क्लेम
अगर कंपनी को शक हुआ कि आपने नुकसान बढ़ा-चढ़ाकर बताया है या फर्जी क्लेम किया है, तो न सिर्फ क्लेम रिजेक्ट होगा बल्कि भविष्य में पॉलिसी लेने में भी दिक्कत आ सकती है।
वाहन का गैर-कानूनी उपयोग
अगर आपकी निजी कार का इस्तेमाल टैक्सी, रेसिंग या किसी गैर-कानूनी काम में हुआ और हादसा हो गया, तो क्लेम नहीं मिलेगा।
थर्ड पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव क्लेम में अंतर
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस सिर्फ सामने वाले को हुए नुकसान को कवर करता है।
- कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस आपकी कार, थर्ड पार्टी और चोरी जैसी स्थितियों को भी कवर करता है।
👉 गलत पॉलिसी होने पर क्लेम रिजेक्ट होना आम बात है।
कैसे बचें इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने से
सही समय पर सही कदम
- तुरंत इंश्योरेंस कंपनी को सूचना दें
- FIR और फोटो जैसे सबूत इकट्ठा करें
डॉक्युमेंट्स का सही प्रबंधन
- ड्राइविंग लाइसेंस
- RC
- पॉलिसी पेपर्स
- क्लेम फॉर्म
सब कुछ अपडेट और सही होना चाहिए।
क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें
अगर आपका क्लेम रिजेक्ट हो गया है, तो:
जरूरत पड़े तो इंश्योरेंस ओम्बड्समैन से शिकायत करें
पहले रिजेक्शन का कारण समझें
कंपनी से लिखित जवाब लें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या छोटी गलती पर भी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है?
हां, कुछ मामलों में छोटी गलती भी बड़ी बन जाती है।
Q2. FIR कब जरूरी होती है?
बड़ी दुर्घटना, चोरी या थर्ड पार्टी मामलों में।
Q3. क्या ऑनलाइन क्लेम ज्यादा सुरक्षित है?
अगर सही जानकारी दें, तो हां।
Q4. पॉलिसी एक्सपायर होने पर क्या क्लेम मिलेगा?
नहीं, एक्सपायर पॉलिसी पर क्लेम नहीं मिलता।
Q5. क्लेम रिजेक्ट होने पर क्या अपील कर सकते हैं?
हां, आप कंपनी या IRDAI में शिकायत कर सकते हैं।



