नई दिल्ली,भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फिर से कमाल कर दिखाया है! दिसंबर 2025 के अंत में जब भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91 के पार पहुंचकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था, तब RBI ने आक्रामक हस्तक्षेप किया। केंद्रीय बैंक ने सरकारी बैंकों के माध्यम से भारी मात्रा में डॉलर बेचे, जिससे रुपया एक झटके में 89 के स्तर तक लौट आया। यह RBI का ऐसा ‘मास्टरस्ट्रोक’ दांव था, जिसने बाजार की सट्टेबाजी को तोड़ा और भारतीय मुद्रा को तुरंत मजबूती दी।
दिसंबर मध्य में रुपया लगातार गिरावट के साथ 91.08 तक पहुंच गया था। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली (2025 में 18 अरब डॉलर से ज्यादा निकासी), अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में देरी और वैश्विक अनिश्चितताओं ने रुपए पर जबरदस्त दबाव बनाया। लेकिन RBI ने रणनीतिक तरीके से बाजार में कदम बढ़ाया। विशेषज्ञों के अनुसार, 17-19 दिसंबर के आसपास RBI ने 3-5 अरब डॉलर तक बेचे, जिससे रुपया एक दिन में 1% से ज्यादा मजबूत हुआ – पिछले तीन सालों में सबसे बड़ी एकल दिवसीय बढ़त!
ट्रेडर्स बताते हैं कि RBI ने स्पॉट मार्केट के साथ-साथ फॉरवर्ड और नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) मार्केट में भी सक्रियता दिखाई। इससे सट्टेबाजों की एकतरफा पोजीशन टूट गई और आयातकों-निर्यातकों ने हेजिंग के लिए बेहतर स्तर पर कारोबार किया। नतीजा? रुपया 89.25 के ऊंचे स्तर तक पहुंचा और सप्ताहांत तक 89.27 पर बंद हुआ। यह रिकवरी एशियाई मुद्राओं में टॉप पर पहुंच गई।
RBI का यह कदम न सिर्फ रुपए को बचाने के लिए था, बल्कि बाजार में अस्थिरता रोकने का भी। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि वह किसी खास स्तर का बचाव नहीं करता, बल्कि अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचाता है। इसके अलावा, RBI ने डॉलर-रुपया स्वैप ऑक्शन (10 अरब डॉलर का) और ओपन मार्केट ऑपरेशन (2 लाख करोड़ रुपये) जैसे उपाय भी किए, जिससे बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ी और रुपए को अतिरिक्त सहारा मिला।
इस हस्तक्षेप का असर अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक पड़ा। आयात सस्ता होने से महंगाई पर दबाव कम हुआ, निर्यातकों को बेहतर मार्जिन मिला और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक मजबूती के लिए अमेरिका के साथ व्यापार समझौता और FII प्रवाह जरूरी है। फिलहाल RBI का यह दांव रुपए को स्थिर करने में कामयाब रहा है।
अगर आप भी डॉलर पर निर्भर हैं, तो RBI की इस स्मार्ट रणनीति ने आपके लिए राहत की खबर दी है। भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत नींव पर खड़ी है – रुपया भी अब मजबूत हो रहा है!



