नई दिल्ली: चीन की प्रमुख ड्रोन कंपनी DJI banned पर भारत में लगी पाबंदी ने ड्रोन इंडस्ट्री को हिला दिया है। फरवरी 2022 से विदेशी ड्रोनों के आयात पर रोक लगी हुई है, लेकिन हाल ही में DGCA ने एक नोटिस जारी कर विदेशी ड्रोनों की रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह अपडेट ड्रोन यूज़र्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब ज्यादातर DJI ड्रोनों को उड़ाना अवैध हो सकता है। आइए जानते हैं कि इस बैन से भारत को फायदा होगा या नुकसान, और यूज़र्स पर क्या असर पड़ेगा।
बैकग्राउंड: DJI का भारत में सफर
DJI दुनिया की सबसे बड़ी ड्रोन मैन्युफैक्चरर है, जो उन्नत कैमरा, स्थिरता और सेफ्टी फीचर्स के लिए जानी जाती है। भारत में ये ड्रोन कृषि, फोटोग्राफी, सिनेमैटोग्राफी और सर्वे जैसे क्षेत्रों में लोकप्रिय थे। लेकिन ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2022 में पूरी तरह बने विदेशी ड्रोनों (CBU) के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। DJI ने भारत में बिक्री बंद कर दी, लेकिन थर्ड-पार्टी से खरीदकर रजिस्टर करने का लूपहोल बचा था। अब DGCA ने सितंबर 2025 में जारी नोटिस से इस लूपहोल को बंद कर दिया। विदेशी ड्रोनों की UIN (Unique Identification Number) रद्द की जा रही है, और नई रजिस्ट्रेशन पॉज हैं। ड्रोन रूल्स 2021 के तहत बिना UIN के उड़ाना गैरकानूनी है।
भारत को फायदा: सुरक्षा और स्वदेशी विकास
इस बैन के समर्थक कहते हैं कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। DJI जैसे चीनी ड्रोनों में डेटा लीक या स्पाइंग का खतरा माना जाता है, क्योंकि ये इंटरनेट से कनेक्ट होते हैं। भारत-चीन सीमा विवाद के बाद चीनी प्रोडक्ट्स पर सख्ती बढ़ी है। इससे घरेलू कंपनियों को मौका मिलेगा। आईडिया फोर्ज, गरुड़ एयरोस्पेस जैसी भारतीय फर्म्स अब ड्रोन बना रही हैं, जो कृषि स्प्रेइंग, डिलीवरी और सर्विलांस में इस्तेमाल हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य 2030 तक ड्रोन इंडस्ट्री को 1 लाख करोड़ तक पहुंचाना है। इससे रोजगार बढ़ेंगे और टेक्नोलॉजी स्वदेशी बनेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बैन ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बड़ा कदम है।
नुकसान: यूज़र्स और इंडस्ट्री पर असर
हालांकि, कई लोगों का कहना है कि यह बैन नुकसानदेह है। DJI ड्रोनों की तरह क्वालिटी वाले भारतीय विकल्प अभी नहीं हैं। भारतीय ड्रोनों में कैमरा रिजॉल्यूशन, बैटरी लाइफ और फ्लाइट स्टेबिलिटी कमजोर है, जिससे प्रोफेशनल यूज़र्स जैसे फोटोग्राफर्स, वीडियोग्राफर्स और किसान प्रभावित हो रहे हैं। बाजार में DJI का 90% से ज्यादा शेयर था, अब यूज़र्स महंगे इम्पोर्टेड अल्टरनेटिव्स जैसे ऑटेल या इंस्टा360 की ओर जा रहे हैं, लेकिन ये भी रजिस्ट्रेशन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। नैनो कैटेगरी (250g से कम) ड्रोनों में कुछ छूट है, लेकिन मिनी और बड़े ड्रोनों के लिए सख्ती है। इससे क्रिएटिव इंडस्ट्री ठप हो सकती है, और टूरिज्म, इवेंट कवरेज जैसे सेक्टर प्रभावित होंगे। आर्थिक नुकसान भी है, क्योंकि विदेशी ड्रोनों की कमी से प्रोजेक्ट्स देरी से होंगे।
ड्रोन यूज़र्स के लिए अहम अपडेट
अगर आपके पास DJI ड्रोन है, तो चेक करें कि आपकी UIN वैलिड है या नहीं। DGCA की वेबसाइट Digital Sky पर लॉगिन कर देखें। अगर रद्द हुई, तो उड़ाना जुर्माना या जब्ती का कारण बन सकता है। नई खरीद से बचें, क्योंकि रजिस्ट्रेशन पॉज है। भारतीय ड्रोनों को प्राथमिकता दें, और कमर्शियल यूज़ के लिए लाइसेंस लें। सरकार जल्द ही नई गाइडलाइंस जारी कर सकती है, जो लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी।
निष्कर्ष में, DJI बैन से भारत को लंबे समय में फायदा हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में यूज़र्स को नुकसान है। इंडस्ट्री को अपग्रेड करने की जरूरत है। अगर आप ड्रोन यूज़र हैं, तो अपडेट रहें और कानूनी तरीके अपनाएं।



