Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम के नए हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया ने टी20 फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन वनडे और टेस्ट मैचों में लगातार हार का सिलसिला जारी है। क्या गंभीर का ‘गणित’ सिर्फ छोटे फॉर्मेट के लिए फिट है? आइए इस पर गहराई से नजर डालते हैं।
गौतम गंभीर को जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ की जगह टीम इंडिया का कोच बनाया गया था। उनकी नियुक्ति के बाद टीम ने टी20 में धमाल मचाया। श्रीलंका के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप, बांग्लादेश के खिलाफ 2-1 से जीत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में 4-1 की शानदार विजय। युवा खिलाड़ियों जैसे यशस्वी जायसवाल, रिंकू सिंह और अर्शदीप सिंह ने गंभीर की आक्रामक रणनीति को साकार किया। टी20 में टीम इंडिया की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही संतुलित नजर आईं। गंभीर ने हमेशा ‘एग्रेसिव क्रिकेट’ पर जोर दिया, जो टी20 में कामयाब रहा। लेकिन क्या यह रणनीति लंबे फॉर्मेट के लिए उपयुक्त है?
वनडे में टीम इंडिया का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 1-2 से हार, इंग्लैंड के खिलाफ 0-3 की शर्मनाक हार और हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-3 से हार। रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी फॉर्म में हैं, लेकिन मिडिल ऑर्डर की कमजोरी साफ नजर आ रही है। शुभमन गिल और केएल राहुल जैसे खिलाड़ी लगातार फेल हो रहे हैं। गंभीर की रणनीति में स्पिनरों पर ज्यादा भरोसा है, लेकिन वनडे में तेज गेंदबाजों की कमी खल रही है। जसप्रीत बुमराह को आराम देने की वजह से मोहम्मद सिराज और अर्शदीप अकेले बोझ नहीं संभाल पा रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर का फोकस टी20 पर ज्यादा है, जिससे वनडे में टीम का बैलेंस बिगड़ रहा है।
टेस्ट क्रिकेट में हालात और भी खराब हैं। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया से 1-3 की हार, इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 2-2 का ड्रॉ और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से हार। टेस्ट में टीम इंडिया की बल्लेबाजी लाइन-अप मजबूत मानी जाती थी, लेकिन गंभीर के दौर में यह कमजोर पड़ गई है। विराट कोहली का टेस्ट औसत गिरा है, रोहित शर्मा की कप्तानी पर सवाल उठ रहे हैं। गेंदबाजी में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा अब भी मजबूत हैं, लेकिन युवा तेज गेंदबाजों की कमी है। गंभीर ने कई बदलाव किए, जैसे अक्षर पटेल को ज्यादा मौके देना, लेकिन यह काम नहीं आया। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा, “गंभीर का आक्रामक स्टाइल टेस्ट में रक्षात्मक खेल की जरूरत को नजरअंदाज कर रहा है।”
क्या गंभीर की रणनीति में बदलाव की जरूरत है? बीसीसीआई को अब सोचना होगा। अगला बड़ा टूर्नामेंट 2027 वनडे वर्ल्ड कप है, जहां टीम को सभी फॉर्मेट में मजबूत होना पड़ेगा। गंभीर को युवाओं और सीनियर्स के बीच बैलेंस बनाना होगा। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि टीम इंडिया जल्द ही सभी फॉर्मेट में वापसी करेगी। लेकिन फिलहाल, गंभीर का ‘गणित’ गड़बड़ा रहा है।



