नई दिल्ली: अगर आप आने वाले समय में नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। ऑटो इंडस्ट्री से जुड़ी रिपोर्ट्स और जानकारों के मुताबिक 2026 से पहले कार खरीदने वालों को बड़ा फायदा मिल सकता है, जबकि इसके बाद वाहन खरीदना महंगा साबित हो सकता है। बढ़ती लागत, नए नियम और तकनीकी बदलावों का सीधा असर कार की कीमतों पर पड़ने वाला है।
क्यों बढ़ सकता है कारों का खर्च?
ऑटो सेक्टर में लगातार बड़े बदलाव हो रहे हैं। 2026 से पहले और बाद में लागू होने वाले नए सेफ्टी मानक, उत्सर्जन नियम और आधुनिक तकनीकें कारों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ा सकती हैं। कंपनियों को नए फीचर्स जोड़ने होंगे, जिससे कारों की एक्स-शोरूम कीमत में इजाफा होना तय माना जा रहा है।
सेफ्टी और टेक्नोलॉजी बनेगी महंगी
आने वाले समय में कारों में एडवांस सेफ्टी फीचर्स, बेहतर स्ट्रक्चर और स्मार्ट टेक्नोलॉजी को अनिवार्य किया जा सकता है। इससे ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक वाहन तो मिलेंगे, लेकिन इसकी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 के बाद कारों की कीमतों में कई प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक कारों पर असर
पेट्रोल और डीजल कारों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में भी बदलाव संभव है। बैटरी लागत, कच्चे माल के दाम और नई पॉलिसी के चलते ईवी सेगमेंट भी महंगा हो सकता है। ऐसे में जो ग्राहक अभी कार खरीदते हैं, उन्हें मौजूदा कीमतों का फायदा मिल सकता है।
अभी खरीदना क्यों हो सकता है फायदेमंद?
अगर आप 2026 से पहले कार खरीद लेते हैं, तो मौजूदा ऑफर्स, डिस्काउंट और कम कीमतों का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा फेस्टिव सीजन और स्टॉक क्लीयरेंस के दौरान अच्छी डील मिलने की संभावना भी ज्यादा रहती है। यही वजह है कि जानकार अभी फैसला लेने की सलाह दे रहे हैं।



