पटना: बिहार सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। स्पेशल ऑक्जीलियरी पुलिस (एसएपी) में 17 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है। यह भर्ती वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुबंध आधार पर होगी, जिसमें पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। खासतौर पर मिलिटरी नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) स्टाफ के लिए यह एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है, क्योंकि वे एक्स-सर्विसमैन कैटेगरी में आते हैं। आइए जानते हैं कि यह भर्ती क्या है और एमएनएस स्टाफ को कैसे फायदा मिलेगा।
बिहार पुलिस एसएपी भर्ती का विवरण
बिहार पुलिस विभाग के अनुसार, एसएपी में कुल 17,000 पदों की स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें 150 जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ), 16,300 एसएपी जवान और 550 रसोइया के पद शामिल हैं। वर्तमान में एसएपी में केवल 1,717 जवान कार्यरत हैं, जिनकी संख्या को दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य है। यह भर्ती राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू होगी।
इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की कमी को पूरा करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना है। पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता इसलिए दी जा रही है क्योंकि उनके पास अनुशासन, ट्रेनिंग और अनुभव पहले से होता है। कैपफ (सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स) से रिटायर्ड कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षा, मेडिकल टेस्ट और इंटरव्यू शामिल होंगे, लेकिन पूर्व सैनिकों के लिए कुछ छूट मिल सकती है।
एमएनएस स्टाफ को मिलने वाले लाभ
मिलिटरी नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण शाखा है, जिसमें महिला नर्सें कार्यरत होती हैं। एमएनएस स्टाफ रिटायरमेंट के बाद एक्स-सर्विसमैन कैटेगरी में आती हैं। बिहार पुलिस की इस भर्ती में एक्स-सर्विसमैन को विशेष आरक्षण और प्राथमिकता दी जाती है। एमएनएस की पूर्व नर्सें एसएपी जवान या संबंधित पदों के लिए आवेदन कर सकती हैं।
लाभ की बात करें तो:
- वेतन और भत्ते: एसएपी जवान को 30,000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा, जबकि जेसीओ को 35,000 और रसोइया को 25,000 रुपये। इसमें महंगाई भत्ता, आवास भत्ता और मेडिकल सुविधाएं शामिल हैं।
- नौकरी की सुरक्षा: अनुबंध आधारित होने के बावजूद, प्रदर्शन के आधार पर अनुबंध बढ़ाया जा सकता है। यह एमएनएस स्टाफ के लिए सेकंड करियर का अच्छा विकल्प है।
- आरक्षण लाभ: महिलाओं और एक्स-सर्विसमैन के लिए अलग से कोटा है। एमएनएस की ट्रेनिंग का फायदा यहां मिलेगा, क्योंकि पुलिस में मेडिकल और इमरजेंसी हैंडलिंग स्किल्स की जरूरत होती है।
- पेंशन और अन्य सुविधाएं: रिटायर्ड एमएनएस स्टाफ अपनी आर्मी पेंशन के साथ इस नौकरी का लाभ ले सकती हैं, जो आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा।
बिहार सरकार का यह फैसला न केवल पुलिस बल को मजबूत करेगा, बल्कि पूर्व सैनिकों, खासकर एमएनएस स्टाफ को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में अपराध दर कम होगी और महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
आवेदन कैसे करें?
भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जल्द जारी होगा। इच्छुक उम्मीदवार बिहार पुलिस की वेबसाइट csbc.bih.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों में डिस्चार्ज सर्टिफिकेट, मेडिकल फिटनेस और आयु प्रमाण पत्र शामिल होंगे। आयु सीमा 45 वर्ष तक हो सकती है, लेकिन एक्स-सर्विसमैन के लिए छूट मिलेगी।
यह भर्ती बिहार के युवाओं और पूर्व सैनिकों के लिए बड़ा अवसर है। अगर आप एमएनएस स्टाफ हैं या जानते हैं, तो इस मौके का फायदा उठाएं। अधिक जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइट चेक करें।



