नई दिल्ली, 02 जनवरी 2026: क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में हलचल मची हुई है। बिटकॉइन की कीमत में हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में बिटकॉइन की कीमत में भारी गिरावट आ सकती है, जो 90% तक पहुंच सकती है। ब्लूमबर्ग के वरिष्ठ विश्लेषक माइक मैकग्लोन ने हाल ही में चेतावनी दी है कि बिटकॉइन 10,000 डॉलर तक गिर सकता है, जो वर्तमान स्तर से लगभग 89% की गिरावट होगी। वर्तमान में बिटकॉइन की कीमत करीब 93,000 डॉलर के आसपास घूम रही है, लेकिन आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण यह आशंका बढ़ रही है।
बिटकॉइन क्रैश की चर्चा क्यों? विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, वैश्विक आर्थिक मंदी और क्रिप्टो मार्केट की अस्थिरता मुख्य कारण हैं। 2025 में बिटकॉइन ने कुछ ऊंचाइयां छुईं, लेकिन अब 2026 में ‘बीयर मार्केट’ की वापसी की संभावना जताई जा रही है। एक यूट्यूब एनालिसिस में कहा गया कि बिटकॉइन 25,000 डॉलर तक गिर सकता है, जो 73% की गिरावट होगी। वहीं, कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर ETF और संस्थागत निवेश कम हुए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

हालांकि, सभी विशेषज्ञ इतने निराशावादी नहीं हैं। चेंजेली के पूर्वानुमान के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमत जनवरी 2026 तक 5.77% बढ़कर 93,068 डॉलर पहुंच सकती है। कॉइनजीको के अनुसार, बैरिश टारगेट 60,000-65,000 डॉलर है, जबकि बुलिश प्रोजेक्शन 189,000-250,000 डॉलर तक जाता है। पॉलीमार्केट ट्रेडर्स 150,000 डॉलर पहुंचने की सिर्फ 21% संभावना देखते हैं। इन मतभेदों से साफ है कि मार्केट दो धड़ों में बंटा हुआ है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 में डॉलर की मजबूती और इंटरेस्ट रेट्स में बदलाव बिटकॉइन को प्रभावित कर सकते हैं। रेडिट पर एक थ्रेड में चर्चा हुई कि बिटकॉइन की सुरक्षा और विकेंद्रीकरण पर सवाल उठ रहे हैं, जो निवेशकों को डरा सकता है। इसके अलावा, इथेरियम और अन्य altcoins की प्रतिस्पर्धा भी बिटकॉइन पर दबाव डाल रही है।
निवेशकों के लिए सलाह: विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि जोखिम प्रबंधन जरूरी है। डाइवर्सिफिकेशन और लॉन्ग-टर्म होल्डिंग रणनीति अपनाएं। अगर गिरावट आई, तो यह खरीदारी का मौका भी हो सकता है, लेकिन सतर्क रहें। क्रिप्टो मार्केट की अस्थिरता हमेशा से रही है, और 2026 इसका नया अध्याय लिख सकता है।
इस बीच, वैश्विक स्तर पर क्रिप्टो रेगुलेशंस सख्त हो रहे हैं, जो कीमतों पर असर डाल सकते हैं। भारत में भी RBI की सतर्कता बढ़ी हुई है। कुल मिलाकर, बिटकॉइन क्रैश की आशंका ने मार्केट को हिला दिया है, लेकिन इतिहास बताता है कि क्रिप्टो हमेशा वापसी करता है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।



