नई दिल्ली (ऑटो डेस्क): नए साल की शुरुआत होते ही इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में उथल-पुथल मच गई है। चीनी ऑटोमेकर बीवाईडी ने अपनी लग्जरी ई-सूवी सीलायन 7 के प्रीमियम वेरिएंट की कीमत में 50,000 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। यह कदम उत्पादन लागत बढ़ने और वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच उठाया गया है, जिससे ईवी खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ सकता है।
बीवाईडी इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, यह मूल्य वृद्धि 1 जनवरी 2026 से लागू हो गई है। सीलायन 7, जो एक कूपे-स्टाइल इलेक्ट्रिक एसयूवी है, अब सिंगल चार्ज पर 567 किलोमीटर की रेंज देती है। इसका बेस प्रीमियम मॉडल पहले 38.90 लाख रुपये में उपलब्ध था, जो अब 39.40 लाख रुपये हो गया है। कंपनी ने ग्राहकों को राहत देते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2025 तक की बुकिंग्स पुरानी कीमत पर ही डिलीवर होंगी।
यह बढ़ोतरी केवल बीवाईडी तक सीमित नहीं है। नए साल से रेनॉल्ट जैसी कंपनियां भी अपनी कारों के दाम 2 फीसदी तक ऊंचा कर रही हैं। हालांकि, ईवी सेगमेंट में यह झटका खासतौर पर महसूस हो रहा है, क्योंकि भारत सरकार ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी दे रही है। फिर भी, बैटरी सामग्री जैसे लिथियम और कोबाल्ट के दामों में वैश्विक उछाल ने मैन्युफैक्चरर्स को मजबूर कर दिया है।
ईवी बाजार पर असर: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ऑटो एनालिस्ट्स का मानना है कि यह मूल्य हाइक ईवी की लोकप्रियता पर असर डाल सकता है। 2025 में भारत में ईवी बिक्री 40 फीसदी बढ़ी थी, लेकिन 2026 में लागत बढ़ने से ग्राहक पेट्रोल वाहनों की ओर लौट सकते हैं। फिर भी, सकारात्मक पक्ष यह है कि 2026 में कई नई ईवी लॉन्च हो रही हैं, जैसे मारुति सुजुकी ई-विटारा (20-25 लाख रुपये अनुमानित) और टाटा सिएरा ईवी।
विनफास्ट लिमो ग्रीन जैसी 7-सीटर ईवी भी फरवरी में आ रही है, जो 450 किमी रेंज के साथ 25 लाख रुपये के आसपास हो सकती है। ये लॉन्च बाजार को गुलजार करेंगे, लेकिन कीमतें स्थिर रखना चुनौती होगी।
खरीदारों के लिए टिप्स
अगर आप ईवी खरीदने की सोच रहे हैं, तो जल्दी बुकिंग करें। सरकार की FAME-III योजना के तहत अभी भी 1.5 लाख रुपये तक सब्सिडी मिल सकती है। इसके अलावा, होम चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करें, क्योंकि पेट्रोल पंपों की तुलना में ईवी चार्जिंग सस्ती है।
बीवाईडी के इस कदम से ईवी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेज हो जाएगी। टाटा, महिंद्रा और एमजी जैसी कंपनियां भी कीमतें संभालने की कोशिश करेंगी। कुल मिलाकर, 2026 ईवी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा – जहां चुनौतियां होंगी, लेकिन अवसर भी कम नहीं।



