नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026 (न्यूज डेस्क): देश की नेशनल हाईवे पर अब जल्द ही सुपरफास्ट मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलने वाली है। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने एक नया एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसमें दूरसंचार विभाग (डीओटी) और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) से मदद मांगी गई है। इस प्लान के तहत हाईवे के उन इलाकों में नेटवर्क कवरेज को मजबूत किया जाएगा जहां फिलहाल सिग्नल की कमी है, ताकि यात्री बिना रुकावट के 5जी स्पीड का फायदा उठा सकें।
एनएचएआई ने हाल ही में एक सर्वे में 424 ऐसे स्पॉट्स की पहचान की है, जो लगभग 1,750 किलोमीटर के हाईवे स्ट्रेच पर फैले हैं। इन जगहों पर मोबाइल नेटवर्क या तो बहुत कमजोर है या बिल्कुल अनुपलब्ध। अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या न केवल यात्रियों की सुरक्षा को प्रभावित करती है, बल्कि इमरजेंसी कॉल्स और नेविगेशन ऐप्स के इस्तेमाल में भी बाधा बनती है। एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि 2027 तक सभी प्रमुख हाईवे पर हाई-स्पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो। डीओटी और ट्राई के सहयोग से टेलीकॉम ऑपरेटर्स को निर्देश दिए जाएंगे कि वे इन ब्लैक स्पॉट्स पर टावर लगाएं और 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करें।”
यह एक्शन प्लान सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल का हिस्सा है, जो ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में भी ब्रॉडबैंड पहुंचाने पर जोर देती है। ट्राई ने पहले ही टेलीकॉम कंपनियों को हाईवे कवरेज सुधारने के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं, लेकिन अब एनएचएआई की मांग पर एक जॉइंट टास्क फोर्स बनाने की योजना है। डीओटी के एक अधिकारी ने बताया, “हम न्यूट्रल होस्ट मॉडल पर विचार कर रहे हैं, जहां एनएचएआई खुद इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर बन सकती है और सभी ऑपरेटर्स इसका इस्तेमाल कर सकें। इससे लागत कम होगी और कवरेज तेजी से बढ़ेगी।”
हाईवे पर बेहतर नेटवर्क से क्या फायदे होंगे? सबसे पहले, ड्राइवर्स रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट्स, मौसम अलर्ट और इमरजेंसी हेल्पलाइन से जुड़ सकेंगे। ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सर्विसेज के लिए भी यह बूस्ट होगा, खासकर लॉजिस्टिक्स सेक्टर में। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में 20% तक कमी आ सकती है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी से हेल्प जल्दी पहुंचेगी।
सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर यूजर्स उत्साहित हैं। एक यूजर ने लिखा, “आखिरकार हाईवे पर नेटवर्क प्रॉब्लम खत्म होगा, लंबी यात्राओं में बोरियत दूर!” जबकि दूसरे ने कहा, “सरकार को 6जी पर भी फोकस करना चाहिए।” एनएचएआई का यह प्लान अगर सफल रहा, तो भारत के हाईवे विश्व स्तर पर सबसे कनेक्टेड बन सकते हैं।
अधिक अपडेट्स के लिए बने रहें। इस प्लान की डिटेल्स जल्द ही जारी होंगी।



