नई दिल्ली | ऑटो डेस्क
भारतीय ऑटो बाजार पर महंगाई की मार फिर पड़ने वाली है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपनी लोकप्रिय बजट कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। बढ़ती हुई कच्चे माल की लागत, आयात शुल्क और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के कारण यह कदम उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी 2026 से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग के खरीदारों पर बोझ बढ़ेगा, लेकिन प्री-बुकिंग करने वालों के लिए राहत की खबर है। आइए जानते हैं, इस बदलाव का पूरा असर और फायदे।
मारुति सुजुकी की बजट रेंज में शामिल एस-प्रेसो, ऑल्टो के10 और वैगनआर जैसी कारें आम आदमी की पहली पसंद रही हैं। इनकी शुरुआती कीमत 3.5 लाख से 5 लाख रुपये के बीच है, जो शहरों में यातायात जाम और पार्किंग की समस्या से जूझते परिवारों के लिए आदर्श हैं। कंपनी के अनुसार, 15 जनवरी से इन मॉडलों की एक्स-शोरूम कीमतों में औसतन 1.5 से 2 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसका मतलब, एस-प्रेसो के बेस वेरिएंट पर करीब 5,000 से 8,000 रुपये और ऑल्टो के10 पर 7,000 से 10,000 रुपये का अतिरिक्त खर्च।
महंगाई का यह असर केवल मारुति तक सीमित नहीं। ऑटो इंडस्ट्री में स्टील, एल्यूमीनियम और सेमीकंडक्टर चिप्स की कीमतें 20 प्रतिशत तक उछल चुकी हैं। 2025 के अंत में वैश्विक तेल संकट और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने कंपनियों को मजबूर किया है। मारुति के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (मार्केटिंग) पार्थो बनर्जी ने कहा, “हम उत्पादन लागत को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा और गुणवत्ता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। प्री-बुकिंग वाले ग्राहकों को हम पुरानी दरों पर ही डिलीवरी सुनिश्चित करेंगे।”
अब सवाल उठता है, प्री-बुकिंग करने वालों को क्या फायदा? कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर 2025 तक बुकिंग करने वाले खरीदारों को अगले 20 दिनों तक यानी 20 जनवरी तक पुरानी कीमत पर ही कार मिलेगी। यानी, अगर आपने एस-प्रेसो को 3.99 लाख में बुक किया, तो बढ़ोतरी के बावजूद आपको वही रकम चुकानी पड़ेगी। इसके अलावा, डिस्काउंट और एक्सचेंज बोनस भी लागू रहेंगे। ऑटो एनालिस्ट राजीव मेहता बताते हैं, “यह एक सुनहरा मौका है। प्री-बुकिंग न केवल कीमत फिक्स करती है, बल्कि वेटिंग पीरियड भी कम हो जाता है। 2026 में छोटी कारों की मांग 15 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, इसलिए जल्दी फैसला लें।”
हालांकि, बढ़ती कीमतें बाजार पर असर डालेंगी। 2025 में बजट कारों की बिक्री 25 लाख यूनिट्स रही, लेकिन 2026 में यह 5-7 प्रतिशत गिर सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां ईंधन और मेंटेनेंस खर्च पहले से ही चुनौती हैं, वहां खरीदारी पर ब्रेक लग सकता है। दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक वेरिएंट्स जैसे ई-विटारा की शुरुआत से मारुति हाइब्रिड तकनीक पर जोर दे रही है, जो महंगाई के दौर में ईंधन बचत का विकल्प देगी।
खरीदारी के इच्छुकों के लिए सलाह: अगर आप बजट कार लेने की सोच रहे हैं, तो तुरंत डीलरशिप पर जाएं और प्री-बुकिंग करें। कंपनी की वेबसाइट पर EMI कैलकुलेटर से लोन प्लानिंग करें। याद रखें, फाइनेंशियल ईयर के अंत में अतिरिक्त स्कीम्स आ सकती हैं।
मारुति की यह बढ़ोतरी ऑटो सेक्टर में एक ट्रेंड सेट कर रही है। क्या यह मध्यम वर्ग की जेब पर अतिरिक्त दबाव बनेगी या प्री-बुकिंग जैसी सुविधाएं राहत देंगी? समय बताएगा। फिलहाल, स्मार्ट खरीदारी ही कुंजी है।



