By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Bhavishya Plast NewsBhavishya Plast NewsBhavishya Plast News
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Auto
  • Entertainment
  • Health
  • Sport
  • Technology
    • Computer
    • Electronics
    • Innovation
    • Smartphone
    • Software
  • U.K News
Reading: मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल बना आंखों की समस्या, नेत्र रोगियों की संख्या में उछाल
Share
Font ResizerAa
Bhavishya Plast NewsBhavishya Plast News
  • Auto
  • Entertainment
  • Health
  • Sport
  • Technology
  • U.K News
Search
  • Auto
  • Entertainment
  • Health
  • Sport
  • Technology
    • Computer
    • Electronics
    • Innovation
    • Smartphone
    • Software
  • U.K News
Have an existing account? Sign In
Follow US
Bhavishya Plast News > Blog > Technology > Smartphone > मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल बना आंखों की समस्या, नेत्र रोगियों की संख्या में उछाल
SmartphoneTechnology

मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल बना आंखों की समस्या, नेत्र रोगियों की संख्या में उछाल

Pooja Agravat
Last updated: January 5, 2026 07:17
Pooja Agravat
Published: January 3, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली,

Contents
  • डिजिटल युग की चुपके से आ रही बीमारी
  • क्यों हो रहा है यह उछाल?
  • बचाव के आसान उपाय
  • जागरूकता ही हल

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में स्मार्टफोन हमारा साथी बन चुका है। काम से लेकर मनोरंजन तक, हर पल मोबाइल की स्क्रीन पर नजरें टिके रहना आम हो गया है। लेकिन यह सुविधा अब आंखों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। हालिया स्वास्थ्य सर्वेक्षणों के अनुसार, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल आंखों की समस्या का प्रमुख कारण बन गया है, जिससे नेत्र रोगियों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में डिजिटल आई स्ट्रेन के केस 40 प्रतिशत बढ़ चुके हैं।

डिजिटल युग की चुपके से आ रही बीमारी

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले दो वर्षों में मोबाइल उपयोग से जुड़ी आंखों की शिकायतों में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से 18 से 35 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सीवीएस के लक्षणों में आंखों में जलन, सूखापन, सिरदर्द और धुंधला दिखना शामिल है। डॉ. अनिता शर्मा, अपोलो हॉस्पिटल्स की नेत्र विशेषज्ञ बताती हैं, “स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट रेटिना को नुकसान पहुंचाती है। औसतन 6-8 घंटे रोजाना मोबाइल स्क्रॉल करने वाले 70 प्रतिशत लोग आंखों की थकान की शिकायत करते हैं।”

शहरों में यह समस्या और गंभीर है। दिल्ली-एनसीआर में ही पिछले साल 2 लाख से अधिक नेत्र रोगियों का इलाज हुआ, जिनमें आधे से ज्यादा मोबाइल उपयोग से प्रभावित थे। महामारी के बाद वर्क फ्रॉम होम संस्कृति ने इसे और बढ़ावा दिया। बच्चे भी अछूते नहीं। स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस के चलते 10-15 वर्ष के बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) के केस दोगुने हो गए हैं।

क्यों हो रहा है यह उछाल?

मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल आंखों की समस्या का मुख्य दोषी है क्योंकि:

  • स्क्रीन टाइम की अधिकता: वयस्क रोजाना 4-5 घंटे, जबकि किशोर 7 घंटे से ज्यादा स्क्रीन पर बिताते हैं।
  • खराब आदतें: अंधेरे में इस्तेमाल, गलत दूरी (आंख से 20-30 सेमी) और बिना झपकाव के पढ़ना।
  • पर्यावरणीय कारक: शुष्क हवा और एसी रूम सूखी आंखों को बढ़ावा देते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मानें तो वैश्विक स्तर पर 2.2 अरब लोग दृष्टि दोष से जूझ रहे हैं, और भारत में यह आंकड़ा 55 करोड़ तक पहुंच चुका है। नेत्र रोगियों की संख्या में उछाल का एक बड़ा कारण स्मार्टफोन की बढ़ती पैठ है – 2025 तक भारत में 90 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स होंगे।

बचाव के आसान उपाय

डॉक्टर सलाह देते हैं कि समस्या को रोकने के लिए ये कदम उठाएं:

  1. 20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
  2. ब्लू लाइट फिल्टर: मोबाइल में नाइट मोड चालू रखें और एंटी-ग्लेयर स्क्रीन गार्ड लगाएं।
  3. नियमित जांच: साल में एक बार आंखों की जांच करवाएं, खासकर 40 वर्ष से ऊपर वालों को।
  4. लाइफस्टाइल चेंज: हरी सब्जियां, विटामिन ए युक्त भोजन लें और आउटडोर एक्टिविटी बढ़ाएं।

“प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर,” कहते हुए डॉ. शर्मा जोड़ती हैं, “मोबाइल को दोस्त बनाएं, लेकिन बॉस न बनने दें।”

जागरूकता ही हल

सरकार और एनजीओ अब ‘आंखें बचाओ’ कैंपेन चला रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में डिजिटल डिटॉक्स प्रोग्राम शुरू किया है। लेकिन असली बदलाव व्यक्तिगत स्तर पर ही संभव है। नेत्र रोगियों की संख्या में उछाल चेतावनी है कि तकनीक का अंधाधुंध उपयोग हमें अंधा न बना दे। आज से ही स्क्रीन टाइम सीमित करें, ताकि कल की रोशनी बरकरार रहे।

67 नंबर टाइप करते ही स्क्रीन हिलने लगी, Google की सीक्रेट ट्रिक या टेक्निकल बग?
Google Gemini, Perplexity और ChatGPT का Premium Access अब बिल्कुल Free – जानें एक्टिव करने का तरीका
बच्चों में बढ़ता खतरा, UP में 10 साल के मासूम की अचानक मौत
National Highway पर मिलेगा सुपरफास्ट मोबाइल नेटवर्क, DoT-TRAI से मदद NHAI का नया एक्शन प्लान
मोबाइल ऐप्स का दौर खत्म होने वाला है, अलेक्सा के चीफ ने बताया नया भविष्य
TAGGED:Digital eye strainEye care tipsEye disease riseEye patients increaseMobile overuse eye problemsMobile screen effect on eyesMobile usage health risksSmartphone health issuesTechnology health impactVision problems due to mobileआंखों की रोशनी पर असरआंखों की समस्यानेत्र रोगियों की संख्यामोबाइल का ज्यादा इस्तेमालमोबाइल यूज़र्स हेल्थ
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
[mc4wp_form]
Popular News
CryptocurrencyMoney

Bitcoin Crash: एक्सपर्ट्स ने जताई बड़ी गिरावट की आशंका, 90% तक गिर सकती कीमत

Piyush Agrawal
Piyush Agrawal
January 2, 2026
नए साल में ई-कार की कीमत बढ़ी, ₹50,000 तक महंगी हु
ब्रेजा-बलेनो कार मालिक तुरंत ध्यान दें! यह जरूरी अपडेट जानना बेहद जरूरी
SUV जैसी ताकत वाली 1,158cc बाइक लॉन्च,जाने कमाल के फीचर्स
डुकाटी की नई स्क्रैम्बलर बेस्ड बाइक लॉन्च होने को तैयार
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

Confirmed

0

Death

0

More Information:Covid-19 Statistics

Categories

  • Smartphone
  • Sport
  • Auto
  • Science
  • Technology
  • Money
  • Innovation

About US

We deliver fast, reliable, and SEO-optimized news in Hindi across tech, automobiles, finance, and trending topics. Our mission is to inform and engage Indian readers with accurate updates, smart headlines, and visually rich content built for discovery.
Quick Link
  • My Bookmark
  • InterestsNew
  • Contact Us
  • Blog Index
Top Categories
  • My Bookmark
  • InterestsNew
  • Contact Us
  • Blog Index

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]

© Bhavishya Plast News. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?