नई दिल्ली (न्यूज डेस्क): संगीत प्रेमियों के लिए एक दुखद खबर। 44 वर्षों से युवा पीढ़ी का दिल जीतने वाला म्यूजिक टेलीविजन चैनल एमटीवी अब इतिहास का हिस्सा बनने जा रहा है। कल, 6 जनवरी को भारत समेत कई देशों में इसके संगीत-केंद्रित चैनलों का प्रसारण हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। पैरामाउंट ग्लोबल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह फैसला डिजिटल स्ट्रीमिंग युग की बदलती प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
एमटीवी का सफर 1 अगस्त 1981 को अमेरिका से शुरू हुआ था, जब ‘वीडियो किल्ड द रेडियो स्टार’ गाने के वीडियो से इसकी शुरुआत हुई। भारत में 1996 में एंट्री लेते ही यह चैनल बॉलीवुड और हॉलीवुड के म्यूजिक वीडियोज का मक्का बन गया। ‘रोडीज’, ‘मेकिंग द कट’ जैसे रियलिटी शोज ने लाखों युवाओं को स्टार बनाया। 90 के दशक में ए आर रहमान, सोनू निगम जैसे कलाकारों के गाने यहां चमके, तो 2000 के बाद रैप और पॉप कल्चर ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
लेकिन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे स्पॉटिफाई, यूट्यूब और नेटफ्लिक्स ने टीवी की चमक फीकी कर दी। पैरामाउंट ने बताया कि यूके, यूरोप, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया में पहले ही 1 जनवरी को संगीत चैनल बंद हो चुके हैं। भारत में एमटीवी म्यूजिक, एमटीवी क्लासिक्स और लाइव चैनल प्रभावित होंगे, लेकिन मुख्य एमटीवी चैनल रियलिटी शोज के साथ जारी रहेगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम लागत बचत और डिजिटल फोकस के लिए जरूरी है।
फैंस सोशल मीडिया पर भावुक हो रहे हैं। ट्विटर पर #MTVShutdown ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स पुरानी यादें साझा कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “एमटीवी ने मेरी जवानी को साउंडट्रैक दिया, अब यह खामोशी?” बॉलीवुड सिंगर शिल्पा राव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, “यह चैनल सिर्फ टीवी नहीं, एक कल्चर था। थैंक यू एमटीवी!”। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टीवी इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका है, जहां संगीत वीडियोज अब शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट में सिमट गए हैं।
एमटीवी के सीईओ वैनessa ग्रिलियर्स ने कहा, “हमारा सफर खत्म नहीं हो रहा, बल्कि नया रूप ले रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हमारा संगीत जीवित रहेगा।” फिर भी, 44 सालों का यह अध्याय बंद होते ही संगीत प्रेमी उदास हैं। क्या यह म्यूजिक टीवी का अंत है या स्ट्रीमिंग का नया दौर? समय बताएगा।



