नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री फ्री मोबाइल स्कीम के तहत महिलाओं और 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को मुफ्त स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं। यह स्कीम कथित तौर पर डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। लेकिन क्या यह सच है? या फिर यह एक और धोखाधड़ी का जाल? हमने इसकी जांच की और पूरी सच्चाई आपके सामने ला रहे हैं।

स्कीम का दावा क्या है?
वायरल मैसेज में कहा जा रहा है कि “PM Free Mobile Scheme” के अंतर्गत सभी महिलाओं और छात्रों को फ्री मोबाइल फोन मिलेंगे। आवेदन करने के लिए एक लिंक दिया जाता है, जहां नाम, पता, आधार नंबर जैसी जानकारी मांगी जाती है। दावा है कि यह योजना केंद्र सरकार की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च की गई। कुछ मैसेज में तो यह भी कहा गया कि कोविड-19 महामारी के बाद शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए यह कदम उठाया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और टेलीग्राम पर यह मैसेज तेजी से फैल रहा है। कई लोग उत्साहित होकर लिंक पर क्लिक कर रहे हैं, उम्मीद में कि उन्हें मुफ्त फोन मिल जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार ने ऐसी कोई योजना शुरू की है?
क्या है सच्चाई ?
हमारी टीम ने इस दावे की पड़ताल की। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि “प्रधानमंत्री फ्री मोबाइल स्कीम” जैसी कोई योजना नहीं है। PIB ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट करते हुए इसे फर्जी बताया और लोगों को चेतावनी दी कि ऐसे लिंक्स पर क्लिक न करें।
केंद्र सरकार की वेबसाइट्स जैसे mygov.in और pmindia.gov.in पर भी ऐसी कोई स्कीम का जिक्र नहीं है। शिक्षा मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की कि कोई फ्री मोबाइल वितरण योजना नहीं चल रही। वास्तव में, यह एक साइबर फ्रॉड का हिस्सा है, जहां स्कैमर्स व्यक्तिगत जानकारी चुराने के लिए फर्जी लिंक्स का इस्तेमाल करते हैं।
2022 में भी इसी तरह का एक दावा वायरल हुआ था, जहां शिक्षा मंत्रालय द्वारा सभी को फ्री स्मार्टफोन देने की बात कही गई थी। तब भी सरकार ने इसे फेक बताया था। हाल के महीनों में ऐसे स्कैम बढ़े हैं, जहां PM Modi की तस्वीरों और वीडियोज को एडिट करके फर्जी घोषणाएं फैलाई जा रही हैं।
यह स्कैम कैसे काम करता है ?
स्कैमर्स आमतौर पर एक आकर्षक मैसेज भेजते हैं, जिसमें मुफ्त सामान का लालच दिया जाता है। लिंक पर क्लिक करने पर एक फॉर्म खुलता है, जहां बैंक डिटेल्स, ओटीपी या आधार जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। इससे बैंक अकाउंट हैक हो सकता है या पहचान चोरी का खतरा बढ़ जाता है।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे स्कैम फिशिंग अटैक के रूप में काम करते हैं। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर ऐसे कई मामले दर्ज हो चुके हैं। 2025 में अकेले ऐसे फर्जी सरकारी स्कीम से जुड़े हजारों शिकायतें आई हैं।
केसे करें बचाव?
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट्स से लें।
- अगर कोई संदिग्ध मैसेज मिले, तो PIB फैक्ट चेक या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें।
- दोस्तों और परिवार को ऐसे मैसेज फॉरवर्ड न करें।



