नई दिल्ली – कल्पना को हकीकत में बदलते हुए लास वेगास के कंसल्टिंग एक्सपो 2026 में फ्लाइंग कार और रोबोटिक गाड़ी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दुनिया के सबसे बड़े टेक इवेंट में इन इनोवेटिव व्हीकल्स ने स्टेज पर ऐसा जलवा बिखेरा कि एक्सपर्ट्स भी हैरान रह गए। क्या ये भविष्य की परिवहन क्रांति का संकेत हैं? आइए, जानते हैं इस इवेंट की प्रमुख हाइलाइट्स।
इवेंट का उद्घाटन अमेरिकी स्टार्टअप EHang ने किया, जिसकी फ्लाइंग कार EH216-S ने पहली उड़ान भरी। यह बैटरी से चलने वाली ऑटोनॉमस ड्रोन-लाइक मशीन 130 किमी/घंटा की स्पीड से हवा में उड़ी, जिसमें चार पैसेंजर आसानी से सवार हो सकते हैं। “यह सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि आकाशीय यात्रा का नया अध्याय है,” EHang के सीईओ हू हाओ ने कहा। फ्लाइंग कार का डिजाइन हल्का कार्बन फाइबर से बना है, जो 25 मिनट की उड़ान पर 100 किमी कवरेज देता है। पर्यावरण के लिहाज से यह इलेक्ट्रिक है, जो शहरी ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिला सकती है। लेकिन चुनौतियां भी हैं – FAA की सख्त रेगुलेशंस और बैटरी लाइफ।
दूसरी तरफ, जापानी कंपनी SoftBank की रोबोटिक गाड़ी PepperBot ने जमीन पर राज किया। यह AI-पावर्ड वाहन खुद-ब-खुद बाधाओं से बचता है और पैदल यात्रियों को पहचानकर रुक जाता है। 360-डिग्री कैमरा और लिडार सेंसर से लैस, यह 50 किमी/घंटा की स्पीड पर शहरों में डिलीवरी कर सकती है। “रोबोटिक गाड़ियां स्मार्ट सिटीज का आधार बनेंगी,” SoftBank के इंजीनियरिंग हेड ने बताया। इवेंट में इसे लाइव डेमो दिया गया, जहां यह पार्सल डिलीवर करते हुए भीड़ से गुजरी बिना रुके।
इवेंट में अन्य आकर्षणों में Tesla का Cybercab दिखा, जो पूरी तरह ऑटोनॉमस टैक्सी है। भारत से आए Ola Electric के हाइपरचार्जर ने EV बैटरी को 10 मिनट में 80% चार्ज करने का दावा किया। वैश्विक एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2030 तक फ्लाइंग कारें व्यावसायिक उड़ानों में शामिल हो जाएंगी, जबकि रोबोटिक वाहन लॉजिस्टिक्स को बदल देंगे।
हालांकि, साइबर सिक्योरिटी और जॉब लॉस जैसे मुद्दे भी उठे। “इनोवेशन के साथ जिम्मेदारी जरूरी है,” UN के टेक एडवाइजर ने जोर दिया। कंसल्टिंग एक्सपो ने 50,000 से ज्यादा विजिटर्स को आकर्षित किया, जहां 200 स्टार्टअप्स ने पिच की।
भविष्य की सड़कें अब आसमान तक फैल रही हैं। क्या भारत में भी जल्द फ्लाइंग कारें उड़ेंगी? DRDO के प्रोजेक्ट्स पर नजरें टिकी हैं। यह इवेंट साबित करता है – टेक्नोलॉजी की उड़ान बिना रुके जारी रहेगी।



