नई दिल्ली (विज्ञान डेस्क): पृथ्वी की प्राचीनतम परतों से एक ऐसा रहस्य उजागर हुआ है जो 50 करोड़ साल पुराना है। ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने एडियाकेरियन काल (Ediacaran Period) के जीवाश्मों में एक अनोखा जीव खोजा है, जिसे ‘क्रिप्टोमॉर्फा एनिग्मा’ नाम दिया गया है। यह खोज न केवल विकासवादी इतिहास को नया मोड़ देगी, बल्कि जीवन की उत्पत्ति पर नए सवाल खड़े करेगी।
यह जीवाश्म ऑस्ट्रेलिया के फ्लिंडर्स रेंजेस में दबे चट्टानों से मिला, जो लगभग 541 से 485 मिलियन वर्ष पुराना है। टीम के प्रमुख शोधकर्ता, प्रोफेसर एलिसा व्हाइटहेड ने कहा, “यह जीव न तो पौधा था, न ही जानवर। यह एक हाइब्रिड रूप था, जो समुद्री तल पर तैरता-उड़ता रहता था। इसकी संरचना में सिलिकॉन-आधारित कोशिकाएं पाई गईं, जो आधुनिक जीवन से बिल्कुल अलग हैं।” व्हाइटहेड की टीम ने एडवांस्ड एक्स-रे टोमोग्राफी और कार्बन डेटिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर इसकी पुष्टि की।

50 करोड़ साल पुराना रहस्य खुला, वैज्ञानिकों को मिला नया जीव – यह खबर वैज्ञानिक जगत में हलचल मचा रही है। एडियाकेरियन काल को ‘कैंब्रियन विस्फोट’ से ठीक पहले का समय माना जाता है, जब पृथ्वी पर बहुकोशिकीय जीवन का उदय हो रहा था। लेकिन क्रिप्टोमॉर्फा जैसा कोई जीव पहले कभी दर्ज नहीं हुआ। इसकी लंबाई मात्र 2 सेंटीमीटर थी, फिर भी इसमें 12 परतदार संरचनाएं थीं जो प्रकाश संश्लेषण और शिकार दोनों का काम करती थीं। “यह दर्शाता है कि प्रारंभिक जीवन कितना विविध और अनुकूलनीय था,” ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे के विशेषज्ञ डॉ. मार्कस रीड ने टिप्पणी की।
खोज की प्रक्रिया आसान नहीं थी। 2024 में शुरू हुई खुदाई के दौरान टीम को सैकड़ों टुकड़े मिले, जो एक साथ जोड़ने पर ही पूर्ण चित्र बने। ऑस्ट्रेलियाई नेशनल यूनिवर्सिटी के लैब में विश्लेषण से पता चला कि यह जीव ऑक्सीजन-कमी वाले वातावरण में जीवित रह सकता था। वैज्ञानिकों का मानना है कि क्रिप्टोमॉर्फा जैसे जीवों ने बाद के जानवरों के विकास में भूमिका निभाई हो सकती है। “यह खोज हमें बताती है कि जीवन की शुरुआत एकरस नहीं थी, बल्कि रहस्यमयी और अप्रत्याशित,” व्हाइटहेड ने कहा।
इस खोज के व्यापक प्रभाव होंगे। पर्यावरण वैज्ञानिकों का कहना है कि सिलिकॉन-आधारित कोशिकाओं का अध्ययन आधुनिक बायोटेक्नोलॉजी के लिए प्रेरणा दे सकता है, जैसे कृत्रिम कोशिकाएं जो चरम परिस्थितियों में काम करें। साथ ही, यह जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में प्राचीन जीवन की लचीलापन सिखा सकता है। नेचर जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन पर दुनिया भर के शोधकर्ता चर्चा कर रहे हैं।
वैज्ञानिक समुदाय में उत्साह के साथ कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। क्या यह जीव पृथ्वी से बाहर के जीवन का सुराग है? या फिर यह विकास की एक ‘मृत शाखा’ थी जो विलुप्त हो गई? आने वाले वर्षों में और खुदाइयां इसकी पड़ताल करेंगी। फिलहाल, 50 करोड़ साल पुराना रहस्य खुला, वैज्ञानिकों को मिला नया जीव – यह शीर्षक इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है।



