नई दिल्ली, नए साल की शुरुआत में खुशियां बांटने की बजाय ऑटो इंडस्ट्री ने ग्राहकों को महंगाई का बड़ा झटका दे दिया है। 1 जनवरी से भारत की प्रमुख कार कंपनियां अपनी गाड़ियों की कीमतों में 0.6 से 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने जा रही हैं। मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, हुंडई, निसान, रेनॉल्ट, एमजी मोटर और होंडा जैसी कंपनियों के इस फैसले से लाखों खरीदारों की जेब पर असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे माल की महंगाई और रुपये की कमजोरी ने कंपनियों को मजबूर कर दिया है।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से इनपुट कॉस्ट, जैसे स्टील, एल्युमिनियम और अन्य धातुओं की बढ़ती कीमतों, लॉजिस्टिक्स खर्च और एक्सचेंज रेट की अस्थिरता से जुड़ी है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने अपनी पूरी रेंज – सी-क्लास से लेकर जीएलई तक – पर 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हमने बढ़ोतरी को न्यूनतम रखा है, लेकिन वैश्विक चुनौतियां हमें मजबूर कर रही हैं।” इसी तरह, बीएमडब्ल्यू 3 प्रतिशत तक की वृद्धि करेगी, जो लग्जरी एसयूवी जैसे एक्स5 और एक्स7 को प्रभावित करेगी।
मिड-सेगमेंट में हुंडई मोटर इंडिया ने 0.6 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो क्रेटा, वेन्यू और आई20 जैसे पॉपुलर मॉडल्स पर लागू होगी। निसान ने मैग्नाइट एसयूवी पर 3 प्रतिशत तक का हाइक किया है, जिससे इसकी कीमत 17,000 से 32,000 रुपये बढ़ सकती है। रेनॉल्ट और एमजी मोटर भी 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर रही हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन जैसे जोस और हेक्टर ईवी शामिल हैं। होंडा कार्स ने सिटी और एलिवेट पर बढ़ोतरी की पुष्टि की है, जबकि बीवाईडी अपनी ईवी रेंज पर समान प्रभाव की बात कर रही है।
इस बीच, मारुति सुजुकी ने अभी फैसला टाल दिया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि वह भी जल्द छोटी कारों जैसे स्विफ्ट और बलेनो पर कीमतें संशोधित करेगी। जीएसटी 2.0 से मिली राहत के बावजूद यह हाइक उपभोक्ताओं के लिए निराशाजनक है। ऑटो एनालिस्ट राजीव मेहता कहते हैं, “2025 में बिक्री बढ़ी थी, लेकिन 2026 में यह बढ़ोतरी मांग को प्रभावित कर सकती है। मिडिल क्लास खरीदारों को अब जल्दी फैसला लेना चाहिए।”
नए साल के अन्य बदलावों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 111 रुपये महंगा हो गया है, जो ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ाएगा। हालांकि, सीएनजी और पीएनजी पर 2 रुपये की छूट से कुछ राहत मिलेगी। खरीदारों के लिए सलाह है: 31 दिसंबर तक बुकिंग करवाएं, क्योंकि कई कंपनियां पुरानी कीमत पर डिलीवरी का वादा कर रही हैं।
यह बढ़ोतरी ऑटो सेक्टर की चुनौतियों को उजागर करती है, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट से भविष्य उज्ज्वल दिखता है। अधिक जानकारी के लिए डीलरशिप से संपर्क करें। क्या आप नई कार लेने की सोच रहे हैं? कमेंट में बताएं!



